मधुश्रावणी स्पेशल : पाँचटा बिषहरि गीत

 
 

साओन मास चढिते बिसहरि एलि मिथिला गाम
राम, तुलसी छाहड़ि बैसि बिसहरि करथि आराम
राम...तुलसी......

दरश देखयलीह बिसहरि, सुन्नर रूप
राम, पीयर साड़ी सजल बिसहरि लागथि अनूप
राम... पीयर.....

अहां केर बैसक बिसहरि, मैना केर पात
राम, दूध लावा खा हे बिसहरि दिअ अहिबात
राम...दूध......

हमरो लए कखनो बिसहरि, लियौ कने सोचि
राम, मांगी सिया बेटी बिसहरि भरि दिअ खोंइछ
राम... मांगी....
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करजोरि आ हे सखि, करू ने पुकार
राम, पांचो बहिन बिसहरिसँ साजल संसार

पहिल बहिनकें हे सखि, अरहुल भाबै लाल
राम, लाले रंग राखब बिसहरि हमर सोहाग

दोसर बहिनकें हे सखि, पीयर सिंगार
राम, सोने सन राखब बिसहरि हमर सोहाग

तेसर बहिन मांगथि सखि, उज्जर रंग पिठार
राम, निर्मल करू हे बिसहरि हमर सोहाग

चारिम बहिनकें भाबनि, हरियर कचनार
राम, साओने सन हंसए बिसहरि हमर सोहाग

पांचम बहिन कारी सखि, घनगर मलार
राम, अमर बनाउ बिसहरि हमर सोहाग

पांचू बहिन मिल सखि, बांटथि दुलार
राम, सजल रहए बिसहरि हमर सोहाग
◼️◼️


 
साओन मास आ हे सखी, करू ने गोहारि
राम, पालकी चढि बिसहरि एतीह दुआरि

आनि दिअ मलिया भैया, अरहुल कें फूल
राम, मांगि लेबै बिसहरिसँ अखंड सेनूर

सोन दिअ सोनरा भैया, गढि दिअ हार
राम, बिसहरि महारानीसँ मांगब दुलार

आनि दिअ ग्वाला भैया, गायक दूध
राम, मांगि लेब बिसहरिसँ सोन सन पूत

आनि दिअ पुरोहित भैया, दूभि कचोर
राम, जिनगीमे देति बिसहरि सुक्खक भोर
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कहां अछि वास अहांकें कहां करी आराम
राम, कहां बैसि बिसहरि करी जलपान

चानन डारि वास हे बेटी तुलसी तर आराम
राम, मैना पात बैसि हे बेटी करी हम जलपान

कोने फूल भाबए हे मैया कोने फूल हार
राम, कोने फूल करी बिसहरि अहां सिंगार

चंपा फूल भाबए हे बेटी अरहुल फूलक हार
राम, बेली फूल करी बेटी अपन सिंगार

किए देब हमरा मैया किए देब परिवार
राम, किए देब बिसहरि हमर गोदी के लाल

सेनूर देब तोरा बेटी हर्ष देब परिवार
राम, औरूदा देब आहे बेटी गोदी के लाल
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साओन    मास    कारी      बादरि      उचटल   नीन
राम,  पुरैनि-पातपर खेलथि बिषहरि,  पांचो रे बहिन

झपसी    लधलक     झड़  -  फुँही    डूबलै   किरिन
राम,   चानन डारि  झुलथि  बिषहरि,  पांचो रे बहिन

सिहकी    बसातक     सखि      लागय      विरहिन
राम, तुलसी झाहड़ि सुतथि बिषहरि, पांचो रे बहिन

मैना    पात     बैसक      नैवेद्य     अंकुरी   पसीन
राम,  लावा-दूध  पीबथि  बिषहरि,   पाँचो रे बहिन

कर    जोड़ि    मांगी    हम   माँ     दिनेटा   सुदिन
राम,   दिअ औरूदा    नेहक अहाँ,  पांचो रे बहिन
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