मैथिली गजल : कनमा-कनमा सांसक बस पैकार छै दुनिया
झाँपल किछु नहि नांगट छै, उघार छै दुनिया
कनमा - कनमा सांसक बस, पैकार छै दुनिया
लोकतंत्र छै, जनसेवक छै कहबा लेल बस
राजनीति लेल अबडेरल अइंठार छै दुनिया
लिखि रहल छै अदंक एहिठां अखरा अरिपन
नोरमे घोरल, बिनु सेनुरक पिठार छै दुनिया
इतिहास कहैए राज चलै छै बुद्धि बधियासँ
सोझमतिया लेल एखनो गुज्ज अन्हार छै दुनिया
कुरसी भेटलै ककरो कियो लड़िक' हारल
नाचि रहल छै तेसर जकर बेमार छै दुनिया
आजादी एखनि बाँतर भेल छै घरमे रहू
मरब घिनाक' बात बुझू लाचार छै दुनिया
राति - दिन जे, प्रेम पाँजमे नेने काटय
विरह कालमे जिनगी कहय बेकार छै दुनिया
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