कजरी : पिया संग करबै रोपनी ना




सखि गे, बोदर   साओनक  पिपनी
पिया संग करबै रोपनी ना

बिच्चहनि नेहक नऽब लगेबै
आसक सखि गे गऽब लगेबै
उतरत थकनी ना, गे सखिया उतरत थकनी ना
सखि गे, बोदर साओनक.....

नहुंए-नहुंए    झहड़ए   झीसी
मोनक गिरहथ खेलए पचीसी
साफल खटनी ना, गे सखिया साफल खटनी ना
सखि गे, बोदर साओनक.....

सौख-सेहन्ता जऽ मुसकेतै
ठोरक मुसकी मोर हरियेतै
करबै कटनी ना, गे सखिया करबै कटनी ना
सखि गे, बोदर साओनक.....



 
 

 
 
 

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