मैथिली गीत : अहीँ हमर धरती अकास बाबूजी
बिनु अहाँ ई जीवन, निंघास बाबूजी
अहीँ हमर धरती अकास बाबूजी
मानल जनम देलि माय अपना कोखिसँ
जिनगी सजेलहुँ अहीँ, साटि हिय मोखिसँ
अहाँ हिम्मति हियाओक छी चास बाबूजी
अहीँ हमर.....
अहाँक कान्हपर गाम भरि छी बूलल
घुघुआ - मनाक लाथे ठेहुनपर झूलल
बात सभटा अछि ओहिना अखिआस बाबूजी
अहीँ हमर.....
हमरा लए अहाँ छी डीह डिहबार सन
अहाँ बिनु बाट-घाट सभ किछु अन्हार सन
छी अहीं यौ भोरूक उजास बाबूजी
अहीँ हमर.....
संस्कार द' अहीं जीयब सीखेलहुँ
अपन नेहक छाहरिमे मनुक्ख बनेलहुँ
अहाँक आशीषकेर अजगुत सुवास बाबूजी
अहीँ हमर.....
अहीँ हमर धरती अकास बाबूजी
मानल जनम देलि माय अपना कोखिसँ
जिनगी सजेलहुँ अहीँ, साटि हिय मोखिसँ
अहाँ हिम्मति हियाओक छी चास बाबूजी
अहीँ हमर.....
अहाँक कान्हपर गाम भरि छी बूलल
घुघुआ - मनाक लाथे ठेहुनपर झूलल
बात सभटा अछि ओहिना अखिआस बाबूजी
अहीँ हमर.....
हमरा लए अहाँ छी डीह डिहबार सन
अहाँ बिनु बाट-घाट सभ किछु अन्हार सन
छी अहीं यौ भोरूक उजास बाबूजी
अहीँ हमर.....
संस्कार द' अहीं जीयब सीखेलहुँ
अपन नेहक छाहरिमे मनुक्ख बनेलहुँ
अहाँक आशीषकेर अजगुत सुवास बाबूजी
अहीँ हमर.....
◼️◼️


बहुत नीक 🙏
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