मैथिली गीत : सिया अड़हुल छै भरि मोन फूलेबे करत
जे कोंढ़ी मचोरतै, मौलेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
धिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
धिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
१.
रोकि के सकैए कनोजरि इजोरक
बेटी उछाह छै, ममता के कोरक
दीप चौमुख, हर्खक जरेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
२.
जेठक दुपहरियामे झीसी छै बेटी
गोटरस, तिक्-तिक्, पचीसी छै बेटी
कनियाँ-पुतरा ओ, सदिखन खेलेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
३.
भरोसक मुसकी दऽ रखियौ नयनमे
झुका लेत हिमालय ओ अपना चरणमे
उड़ि मेघक, परिधि नापि लेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
◼️◼️
✍️ अक्षय आनन्द सन्नी
रोकि के सकैए कनोजरि इजोरक
बेटी उछाह छै, ममता के कोरक
दीप चौमुख, हर्खक जरेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
२.
जेठक दुपहरियामे झीसी छै बेटी
गोटरस, तिक्-तिक्, पचीसी छै बेटी
कनियाँ-पुतरा ओ, सदिखन खेलेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
३.
भरोसक मुसकी दऽ रखियौ नयनमे
झुका लेत हिमालय ओ अपना चरणमे
उड़ि मेघक, परिधि नापि लेबे करत
सिया अड़हुल छै, भरि मोन फूलेबे करत
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✍️ अक्षय आनन्द सन्नी


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