चर्चित मिथिला वर्णन : पावन मिथिला धाम
जाहि धरती पर सिया बहिन आ पाहुन छथि श्रीराम
वैह नगरके वासी छी हम पावन मिथिलाधाम
जाति-पातिके भेद कोनो ने सभ मैथिल संतान रे
एखनो जाहिठाँ सुग्गा भोरे पढ़ए वेद-पुराण रे
भगवानोसँ पहिने अपना माएकें करी प्रणाम
वैह नगरके वासी छी......
नीपल अंगना लीखल अरिपन संस्कार झलकाबए रे
सामा झिझिया जट-जटिन आ झरनी हिया जुराबए रे
कौआ बाजएसँ पहिने पराती पसरए गाम
वैह नगरके वासी छी......
अनधन लक्ष्मी आइयो मीता कोठी कान्ह विराजै रे
शारदे मैया मैथिली बनि रौ सभक ठोर पर साजै रे
भोला दानी बनि कऽ उगना बैसल अंगना दलान
वैह नगरके वासी छी......
शीश झुकौने धान लगै छै अनमन घोघमे कनियां रे
आंचर हरियर बाध लगै छै पोखरि मुसकी चौवनियाँ रे
नेहक आँटी बोझसँ भरल छै सभहक खरिहान
वैह नगरके वासी छी......
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✍️ अक्षय आनन्द सन्नी
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नोट:- ई गीत Click छूबि सुनल जा सकैए


बहुत सुन्दर गीत
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